जिला पंचायत के घोटालों की जब तक हो जाँच,तब तक लगायें करोड़ों के सोलर लाइट घोटाले पर आँच!..

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जिला पंचायत के घोटालों की जब तक हो जाँच,तब तक लगायें करोड़ों के सोलर लाइट घोटाले पर आँच!..

जागो ब्यूरो रिपोर्ट:

कमिश्नर गढ़वाल रविनाथ रामन द्वारा जिला पंचायत पौड़ी में हुये करोड़ों के भ्रष्टाचार की जाँच आटीआई एक्टिविस्ट करन रावत और “जागो उत्तराखण्ड” के भ्रष्टाचार के ख़िलाफ़ छेड़ी गयी जंग के बढ़ते दवाब के कारण पौड़ी के मुख्य विकास अधिकारी हिमांशु खुराना को सौंपी गयी थी,लेकिन कोरोना संकट के कारण ये जाँच अभी तक लम्बित है,सीडीओ हिमांशु राना द्वारा “जागो उत्तराखण्ड”को जल्द ही जाँच पूरी करने का आश्वासन दिया गया है,जब तक ये जाँच पूरी हो जिला पंचायत द्वारा सोलर लाइट्स की खरीद में करोड़ों के घोटाले के मामले को फ़िर से आँच दी जाये!जिससे सनद रहे कि “जागो उत्तराखण्ड” किसी मामले को सिर्फ़ खोलता ही नहीं वरन मामले को सकारात्मक अंजाम तक भी पहुंचाता है,जिला पंचायत के घोटालेबाजों के संरक्षण में सोलर लाइटों की टेंडर प्रक्रिया में कर्मचारियों और ठेकेदारों की मिलीभगत से किस तरह से सरकारी खजाने को लूटा गया है,ये अपने आप में एक मिसाल है!इन भ्रष्टाचारियों के हौंसले इतने बुलंद हैं कि इन्हें ना शासन का भय है,ना प्रशासन द्वारा घोटालों की जाँच की चिंता या यूं कहें कि सैंया भये कोतवाल तो डर काहे का!इस घोटाले में सबसे बड़ी वित्तीय अनियमितता यह है कि सोलर लाइट्स को जिला पंचायत राज अधिकारी द्वारा तय की गयी कीमत से लगभग दस हज़ार रुपये से ज्यादा कीमत पर खरीदा गया!जिला पंचायत के पूर्ववर्ती कार्यकाल में इन लाइट्स को मात्र आठ हज़ार रुपये में लगाया गया था,मगर घोटालेबाजों ने लाइट्स की क़ीमत लगभग बीस हज़ार पहुँचा कर मोटा पैसा कमाया,जबकि तत्कालीन जिला पंचायत राज अधिकारी ने जनपद के सभी बीडीओ को इस सम्बन्ध में पत्र द्वारा आगाह भी कर दिया गया था!सभी सोलर लाइट घोटाले के सूत्रधार ठेकेदारों द्वारा एक ही टेंडर में दो ठेकेदारों द्वारा एक ही हैंडराइटिंग में अपने रेट को किए गये,जिन्हें हैंड राइटिंग एक्सपर्ट्स द्वारा फोरेंसिक जाँच में पकड़ा जा सकता है!इसी तरह लगभग सभी सोलर लाइटों के टेंडरों में घूम-फिरकर वही छः ठेकेदार है और सारे टेंडर इन्हीं ठेकेदारों को मिले हैं और तो और सभी ठेके एक दूसरे से .50,.60,.70 प्रतिशत कम रेट पर छूटे हैं,साथ ही एक ही सीडीआर की फोटोकॉपी टेंडरों में लगायी गयी है,जयहरीखाल ब्लॉक में तो ग्रामीण क्षेत्रों में लगने वाली लाइट्स को शहरी क्षेत्र और लोगों के व्यक्तिगत आवासों पर भी लगा दिया गया है,तो कंही लाइट्स बिना बस्ती वाली जगहों और जंगलों में तक लगा दी गयी हैं,जिस पर जयहरीखाल के ब्लॉक प्रमुख भी मामले की जाँच की बात उठा रहे हैं, पूरे जनपद में विभिन्न ब्लॉकों में लगी ये लाइट्स कई जगह ख़राब भी हो चुकी हैं,जिससे इनकी घटिया क्वालिटी भी सामने आ रही है,सीडीओ पौड़ी की जाँच में जो भी निकल कर आये लेकिन “जागो उत्तराखण्ड”इस ऐतिहासिक भ्रष्टाचार के प्रकरण को लेकर नैनीताल हाई कोर्ट में जल्द एक जनहित याचिका भी दायर करेगा,जिससे जनपद पौड़ी के अब तक के सबसे बड़े घोटाले के दोषी किसी भी सूरत न बच निकल पायें।

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